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श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन श्रीराम चरित्र और कृष्ण जन्मोंत्सव मनाया गया।भगवान श्री कृष्ण कन्हैया जी का सुंदर झांकी प्रदर्शनी

जनादेश 24 न्यूज़ जांजगीर-चांपा  भगवान श्रीरामचन्द्र जी का चरित्र हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय हैं और श्रीकृष्ण का चरित्र श्रवणनीय हैं । आज सबसे बड़ी विडम्बना यह हैं कि हम अपना आदर्श तो भगवान श्रीरामचन्द्र जी को मानते हैं परंतु आचरण महाभारत का करते हैं । महाभारत प्रसंग से बचने के लिए हमें राम और सीता के साथ-साथ श्रीकृष्ण के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाना होगा । भगवान श्रीरामचन्द्र और भगवान श्रीकृष्ण जी की लीलाओं से भरे आध्यात्मिक वातावरण में चतुर्थ दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल होकर तथा कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं

परम-पूज्य श्री स्वामी पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी महाराज के मुख्यारविद से श्रद्धालु-जनों के मन को शांति, श्रद्धा से भरा हुआ और चेतना को ऊर्जावान कर दिया । इसके उपरांत भगवान श्रीरामचन्द्र और भगवान श्रीकृष्ण चरित्र का वर्णन सुनकर मन निहाल हो गया । गोयल परिवार के द्वारा आयोजित श्रीराम मंगलमय भवन, श्रीराम बाड़ा गौशाला के पास स्थित श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य में श्रीरामचन्द्र और सीता विवाह उत्सव में शामिल होने का सौभाग्य अशोक कुमार अग्रवाल सक्ति, श्रीमति उमाभारती सराफ कोरबा, कुंजबिहारी अग्रवाल पिथौरा, आशीष कुमार अग्रवाल, डॉ विजय अग्रवाल,पीयूष अग्रवाल, छैल बिहारी अग्रवाल,शैलेष शर्मा, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, अधिवक्ता संतोष सोनी, मधूसुदन ,शशिभूषण सोनीt चांपा,रविन्द्र द्विवेदी जी ,कलेश्वर प्रसाद यादव कोसमंदा, डॉ रामखिलावन यादव कमरीद ,डॉक्टर काशी प्रसाद राठौर चांपा ,ब्यास कश्यप विधायक जांजगीर चांपा गुलशन शोनी , ब्रजेश कुमार अग्रवाल, शैलेष शर्मा जी वरिष्ठ पत्रकार चांपा , रमेश कुमार अग्रवाल कल्याण ( महाराष्ट्र) सहित अन्यान्य लोगों को आयोजन में शामिल होने और कथा श्रवण करने का अवसर मिल रहा हैं । यह एक अच्छा मौका हैं अपने जीवन को धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होती हैं ।

श्रीमद्भागवत कथा और प्रवचन आरंभ होने से पहले श्री स्वामी जी महाराज का पुष्पाहार से स्वागत-सत्कार आयोजक गोयल परिवार के द्वारा किया गया। कथा के बीच-बीच में भजन संध्या में श्रद्धालु भक्त झूमते-गाते और भक्तिभाव में निमग्न रहे। श्रद्धालु भक्तों की संख्या से पूरा पंडाल भरा हुआ था ।

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