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कंचन की नगरी चांपा में बह रही हैं श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य की रसधार पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला,माखन चोरी, गोवर्द्धन गोवर्द्धन लीला की कथा श्रवण कराई गई , श्रोता कृष्ण भक्ति में झूमते नजर आए

कंचन की नगरी चांपा में बह रही हैं श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य की रसधार पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला,माखन चोरी, गोवर्द्धन गोवर्द्धन लीला की कथा श्रवण कराई गई , श्रोता कृष्ण भक्ति में झूमते नजर आए

*कृष्ण का अर्थ काला होता हैं । भगवान श्रीकृष्ण ने बैकुंठ वासियों को काले रंग में रंग दिया हैं – राधिका किशोरी कथावाचिका ।*

न्यूज़ चांपा । भगवान श्रीकृष्ण साधारण सांसारिक मनुष्य नहीं बल्कि वे तो योगेश्वर, अन्तर्यामी परमब्रह्म परमात्मा हैं । यशोदा हैं जीवात्मा और भगवान श्रीकृष्ण हैं परमात्मा ! श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं ही निराली हैं । भगवान के अंश कृष्ण बलराम के रुप में धरती पर अवतीर्ण हुए तो वेदार्थ वृंदावन के गोप और ऋचाएं गौएं तथा गोपिकाएं बनी । ब्रह्मा लकुटि रुद्र वंशी बने साक्षात् बैकुंठ गोकुल धाम बना ।तामसी माया ने दैत्य दानवों का रुप धरा । कृष्ण का अर्थ ही काला होता हैं । काले रंग में कृष्ण ने सारे बैकुंठवासियों तथा विभूतियों को रंग दिया । स्वर्गीय श्रीमति गीतांजलि देवांगन के वार्षिक श्राद्ध निमित्त श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन नगर के हृदय स्थल परशुराम मार्ग चौक पर स्थित गुरुनानक रेसीडेंसी में सप्त-दिवसीय कथा का आयोजन किया जा रहा हैं । कथा का आयोजन दिनांक 14 सितम्बर 2024 से 21 सितंबर,2024 तक आयोजित हैं । पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य बाल चरित्रों का आनंद श्रद्धालु भक्तों ने लिया और श्रीकृष्ण के प्रेम रस में निमग्न हो नाचते-गाते और झुमते नज़र आएं । वृंदावन धाम से पधारी राधा किशोरी ने नंद उत्सव के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया । इस दौरान कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा में भक्ति और प्रेम की ऐसी गंगा प्रवाहित हुई जिसने हर भक्त के हदय को कृष्ण भक्ति के रस में डुबों दिया । भगवान श्रीविष्णु के 24 अवतारों में से त्रेतायुग एवं द्वापर की संधी बेला में दशरथनंदन राम और 28 वें द्वापर युग के अंतिम चरण में श्रीकृष्ण का प्रकाट्य हुआ था ।इन अवतारों का एक ही उद्देश्य था पृथ्वी को पाप के भार से मुक्त करना । त्रेतायुग में पाप का भार महाबली रावण से तथा द्वापर युग में आततायी कंस से उत्पन्न होकर दुर्वह बन गया था, साधु-संतों की रक्षा, दुष्कर्मियों का सर्व विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए करुणा वरुणालय भगवान श्रीकृष्ण को इस धरा धाम में अवतरण लेना पड़ा । कथा वाचिका साध्वी राधिका किशोरी श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का रसपान श्रोताओं को करा रही हैं । कार्यक्रम के पंचम दिवस आरंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार में राजस्व मंत्री लखनलाल देवांगन के भ्राता नरेंद्र देवांगन, छतीसगढ़ राज्य युवा आयोग के उपाध्यक्ष रहे कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, पंकज राय, बालमुकुंद झा, वीरेंद्र कश्यप, सेवक राम देवांगन, रमेश कुमार देवांगन,कमल गौरहा, डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी साहित्यकार शशिभूषण सोनी,डां शांति कुमार सोनी, पवन थवाईत,लव जायसवाल,प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, सचिव मूलचंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता,नवीन थवाणी, राजकुमार आहूजा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हो रहे हैं ।

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