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गायत्री बाल संस्कार स्कूल कोसमंदा में मनाया गया शिक्षक दिवस और शिक्षाको का हुआ सम्मान

गायत्री बाल संस्कार स्कूल कोसमंदा में मनाया गया शिक्षक दिवस और शिक्षाको का हुआ सम्मान

इस शिक्षक समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे श्री समारुराम यादव सेवा निवृत शिक्षक ,एवं विशिष्ठ अतिथि श्री रामखिलावन यादव संपादक जनादेश 24न्यूज के संपादक अध्यक्षता कर रहे श्री गेंदराम बरेठ,विद्यालय संचालन समिति के सदस्य रामरतन राठौर ,सुखराम साहू ,प्राचार्य श्री शिवकुमार कश्यप ,उप प्राचार्या साधना राठौर , विद्यालय की शिक्षक राहुल शर्मा, रामू देवांगन जय प्रकाश कौशिक ,प्रीति साहू अंजू बरेठ,महेश्वरी ,दीक्षा ,वैशाली उपासना ,नंदनी ,श्वेता ,सुनीता सोमवती एवं लेखनी कौशिक इन सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं एवं अतिथियों का विद्यालय परिवार के छात्र छात्राओं द्वारा मां सरस्वती के तैल चित्रों में एवं सर्वपल्ली राधा कृष्णन के चरणों में फूल माल्यार्पण कर एवं आए हुए अतिथियों का भी श्री फल ,पेन ,डायरी से भेंट कर सम्मानित किया गया है
मुख्य अतिथि श्री समारुराम यादव ने कहा कि 5सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा गुरुओं के प्रति ऐसी भावना को दर्शाती है भारत का द्वितीय राष्ट्र पति डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन ने अपना जन्म दिवस शिक्षकों के नाम समर्पित कर दिया इस लिए शिक्षक दिवस भारत में प्रतिवर्ष मनाया जाता है हमारे देश गुरु के प्रति निष्ठा रखता है
इस स्कूल के प्राचार्य श्री शिवकुमार कश्यप ने कहा कि सत गुरु सम कोई नहीं सात दीप नौ खण्ड ,तीन लोक न पाइए और इक्कीस ब्रह्मांड
अर्थात सात दीप ,नौ खण्ड तीन लोक 21ब्रह्मांड,में सतगुरु के समान हितकारी कोई न होगी इस लिए गुरुओं को भगवान से भी ऊंचा दर्ज़ा दिया गया है
डॉ रामखिलावन यादव संपादक जनादेश 24न्यूज अपने उद्बोधन में सुंदर बाते कही एक शिक्षक को मां की तरह होनी चाहिए बच्चों को बहुत ही स्नेह भाव से जुड़ कर शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए ऐसा करने से उसे बच्चे सही ढंग से अपनाते है और उनकी बातों को अमल करते है
छात्र और शिक्षक का संबंध एक दूसरे के पूरक है न तो छात्र शिक्षक के बिना अपने जीवन को महान बना सकता है और न ही शिक्षक बिना छात्र के अर्जित शिक्षा और जान को सही ढंग से उपयोग में ला सकता है
जिस प्रकार शरीर के सफाई के लिए साबुन आवश्यकता पड़ती है और मन की सफाई के लिए पुस्तक और शिक्षक वह दीपक है जो अपने आप को जलाकर अपने छात्रों के जीवन में प्रकाश डालते है
आज के अत्यंत पावन शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान तो होना चाहिए और अपने शिक्षकों को सदैव आदर सम्मान देना चाहिए क्योंकि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र को सही दिशा दिखाते है
गुरु के बिना जीवन अधूरा ,और माता पिता के बिना, ज्ञान,संस्कार l
शिक्षक प्रेरणाओं के स्रोत है उनको सादर नमन ll
छात्र छात्राओं के जीवन को सफल साकार बनाने एवं प्रेरणा के दीप प्रज्वलित करने वाले सभी शिक्षकों को जनादेश 24परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई

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