सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आज चतुर्थ दिवस सुप्रसिद्ध कथावाचक पं विजय शंकर मेहता हनुमान चालीसा के माध्यम से निरंतर परिवार बचाओ और शांति का संदेश श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य में लोगों को दे रहे हैं ज्ञान


जनादेश 24न्यूज आज दिनांक 02 सितंबर 2025 दिन मंगलवार को परम-पूज्य महामंडलेश्वर राजेश्री महंत डॉ रामसुंदर दास जी महाराज कोरबा रोड ,चांपा में सज्जन कुमार अग्रवाल परिवार के द्वारा सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुरा ज्ञानयज्ञ में सम्मिलित हुए । सबसे पहले उन्होंने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और जीवन प्रबंधन गुरु पंडित विजयशंकर मेहता जी से आशीर्वाद प्राप्त किया



विश्वविख्यात कथावाचक पंडित विजय शंकर मेहता जी की विशेषताएं
जीवन प्रबंधन गुरु – पंडित विजय शंकर मेहता जी जीवन प्रबंधन गुरु हैं और अपनी सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण में श्रद्धाल-जनों को कथा श्रवण से जीवन के उद्धार की आध्यात्मिक प्रवचन करते हैं ।


धर्म और आध्यात्म- पंडित मेहता जी श्रद्धालु भक्तों को धर्म और आध्यात्म के प्रति नई सोच , पैनी दृष्टि और बेजोड़ वाकशैली के लिए जाने जाते हैं।
हनुमान चालीसा- पंडित मेहता जी हनुमान चालीसा के माध्यम से निरंतर परिवार बचाओ और शांति का संदेश श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य और कथा प्रवचन के दौरान देते हैं।
आयोजक अग्र परिवार- अग्रवाल आयोजक परिवार के लोग और उनके नाते-रिश्तेदार बड़ी संख्या में उपस्थित हो रहे हैं, जिनमें दूरदराज से अग्रवाल परिवार के सदस्य सहभागी बने हुए
आज के कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि- इस अवसर पर विशेष रूप से चांपा सेवा संस्थान के अध्यक्ष मनोज मित्तल , छत्तीसगढ़ शासन के युवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके तथा केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, शशिभूषण सोनी , निराला साहित्य मंडल के अध्यक्ष तथा श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य के मंच संचालक डॉ रविन्द्र द्विवेदी , जिला शिक्षा अधिकारी सक्ति डॉ श्रीमति कुमुदिनी द्विवेदी, श्रीमति ज्योति वनकर,
श्रीमति सरोज मुंदड़ा, सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ बृजमोहन जागृति, सुनील वनकर, जनादेश24 न्यूज़ के संपादक डॉ रामखिलावन यादव, डॉ काशी प्रसाद राठौर, पत्रकार शैलेष शर्मा, अधिवक्ता संतोष कुमार सोनी, रामप्रपन्न देवांगन और अन्यान्य उपस्थित थे , जिन्होंने कथा का आनंद लिया ।
पीठाधीश्वर राजेश्री डॉ महंत जी महाराज के साथ – राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी के साथ प्रतीक सिंह, पं निर्मल दास वैष्णव और हर्ष दुबे कथा में सम्मिलित होने के लिए साथ पहुंचे थे ,जो उनके साथ एकजुटता और समर्थन का प्रदर्शन करते हैं ।