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नेपाल में जल प्रलय हुई है और कई लोगों की मौत भयानक बाढ़ से नेपाल में मची तबाही

जनादेश 24न्यूज नेपाल में जल प्रलय हुई है और कई लोगों की मौत भयानक बाढ़ से नेपाल में मची तबाहीनेपाल में बुधवार, 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ ने हिमालयी इलाके में तबाही मचा दी है। तिब्बत क्षेत्र की तरफ से अचानक भारी मात्रा में पानी भोटे कोशी नदी में आया, जिसके बाद नेपाल के रसुवा जिले में टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में हालात बिगड़ गए। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है। सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। नेपाल में कम से कम 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और राहत-बचाव अभियान जारी है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह सिर्फ नेपाल तक सीमित रहने वाली घटना नहीं है। जिस नदी में यह पानी आगे बढ़ता है, उसका संबंध भारत और खासकर बिहार की गंडक नदी से है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि नेपाल की यह बाढ़ उसी तीव्रता से बिहार पहुंचेगी या नहीं। फिलहाल प्रशासन इस पर कड़ी नजर रख रहा है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक अत्यधिक सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था और दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया।

नेपाल के मौसम एवं जल विज्ञान अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की दिशा से भारी मात्रा में पानी अचानक भोटेकोशी नदी में दाखिल हुआ। नेपाल के अधिकारियों ने इसे असाधारण और बेहद बड़ा फ्लैश फ्लड बताया है। खास बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस बाढ़ की वजह सामान्य बारिश नहीं थी। नेपाल के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी मीन कुमार आर्याल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रसुवा इलाके में बारिश बहुत कम थी और यह बाढ़ पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। यही वजह है कि विशेषज्ञ और अधिकारी ऊपरी हिमालय में किसी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF, बर्फ/हिमस्खलन या किसी प्राकृतिक अवरोध के अचानक टूटने जैसी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं। अभी तक घटना का अंतिम कारण आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है।

रसुवा-भोटेकोशी बाढ़: अपडेट

  1. इंसानों को नुकसान:
  • अब तक 70 लाशें मिली हैं, जिनकी पहचान होनी बाकी है।
  1. लापता लोगों की जानकारी:
  • 79 सुरक्षाकर्मी लापता हैं – जिनमें 26 नेपाल पुलिस, 9 आर्म्ड पुलिस फोर्स और 44 नेपाली आर्मी के लोग शामिल हैं।
  • टूरिज्म बोर्ड की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 384 टूरिस्ट/यात्रियों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है – 291 विदेशी और 93 नेपाली। यह कन्फर्म नहीं है कि वे बाढ़ में गायब हो गए हैं, वेरिफिकेशन जारी है।
  • लांगटांग खोला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 60 लोग लापता हैं।
  • नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 35 कर्मचारी लापता हैं।
  1. फिजिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान:
  • 11 हाइड्रोपावर प्लांट को नुकसान, सिस्टम से 431 MW बिजली का प्रोडक्शन बंद।
  • 19 पुल और 40 km सड़कें डैमेज, ट्रैफिक में रुकावट।
  • रसुवा से मलखू तक 20 से ज़्यादा सस्पेंशन और मोटरेबल पुल बह गए, जिसमें धादिंग बेसी को जोड़ने वाला पुल भी शामिल है।
  • बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के आधा दर्जन से ज़्यादा ऑफिस बह गए।
  • 25 से ज़्यादा टेलीकम्युनिकेशन साइट पर असर पड़ा – NTC और Nसेल टावर/साइट और तिमुरे, स्याफ्रूबेसी और नुवाकोट इलाकों में ऑप्टिकल फाइबर, जिसमें चीन से जुड़ने वाली NTC की फाइबर लाइन भी शामिल है, को नुकसान पहुंचा।
  • रसुवा, धादिंग और नुवाकोट में 6 जगहों पर बाढ़ की शुरुआती चेतावनी देने वाले सिस्टम को नुकसान पहुंचा।
  • सेंट्रल जेल की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग और खाम्पाकैंप, नुवाकोट बिदुर N.P.-6 में नेपाल पुलिस सिक्योरिटी यूनिट बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा – बाहरी दीवार और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा – लेकिन सभी 800 कैदी सुरक्षित हैं।
  1. अभी खतरे की चेतावनी:
  • जिस जगह लेंडे खोला बांधा गया है, वहां बनी झील अभी पूरी तरह से नहीं खुली है – गोरखापत्र ने चीन से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया। भोटेकोशी-त्रिशूली इलाके में अभी भी और बाढ़ का खतरा है।
  1. सरकारी उपाय:
  • प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नेशनल काउंसिल फॉर डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट की एक मीटिंग हुई।
  • विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि सर्च, रेस्क्यू, राहत, हेल्थ और सिक्योरिटी मैनेजमेंट के लिए सभी सरकारी सिस्टम को लगा दिया गया है।

सर्च और रेस्क्यू को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है।

6 ज़िले आपदा प्रभावित घोषित किए गए

  • बाढ़ से 11 हाइड्रोपावर प्लांट को नुकसान हुआ है और सिस्टम से 431 मेगावाट बिजली चली गई है
  • विदेश मंत्री ने बताया कि बाढ़ में 9 लोगों की मौत हो गई है।
  • 291 विदेशियों और 93 नेपाली टूरिस्ट से संपर्क नहीं हो पाया है
  • आधा दर्जन से ज़्यादा बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के ऑफिस बह गए। • नेपाल पुलिस के 26, आर्म्ड पुलिस के 9 और नेपाली आर्मी के 44 जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। • सेंट्रल जेल के सभी 800 कैदी सुरक्षित हैं, बाहरी दीवारें और गाड़ियां डैमेज हो गई हैं। • रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट में 6 जगहों पर बाढ़ की चेतावनी देने वाला सिस्टम खराब हो गया है। • रसुवा में बाढ़: 19 पुल और 40 km सड़कें डैमेज हो गईं, ट्रैफिक रुका हुआ है। • 6 जिले आपदा प्रभावित घोषित: बचाव में बिना इजाज़त के ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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