Uncategorized

सुख किसे कहते हैं ! आनंद अनंत मात्र के लिए निकलता हैं । आनंद जब तक नही मिलेगा हम चुप नहीं रह सकते – डॉ स्वामी युगल शरण

जगद्गुरु स्वामी कृपालु जी महाराज के कृपापात्र और परम शिष्य के प्रवचन का द्वितीय दिवस।

सुख किसे कहते हैं ! आनंद अनंत मात्र के लिए निकलता हैं । आनंद जब तक नही मिलेगा हम चुप नहीं रह सकते – डॉ स्वामी युगल शरण

दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, परशुराम चौक, चांपा में चल रहे आध्यात्मिक और धार्मिक प्रवचन में जगद्गुरु स्वामी श्री कृपालु जी महाराज के प्रमुख प्रचारक डां स्वामी युगल शरण महराज के विलक्षण दार्शनिक प्रवचन का द्वितीय दिवस पूरा पंडाल खचाखच भरा हुआ था । स्वामी जी ने अपने दिव्य प्रवचन में बताया कि प्रत्येक जीव आस्तिक होते हैं और आनंद प्राप्ति ही उनका चरम लक्ष्य हैं ।

आनंद प्राप्ति के लिए हर जीव की खोज

स्वामी जी ने कहा कि जीव आनंद की प्राप्ति के लिए ही कार्य करता हैं और यह आनंद ईश्वर में ही मिल सकता हैं । उन्होंने बताया कि वेद और गीता में भी आनंद की प्राप्ति को ही जीवन का लक्ष्य बताया गया हैं ।

आनंद की परिभाषा – आनंद ही भगवान और भगवान ही आनंद हैं

स्वामी जी ने आनंद की परिभाषा देते हुए कहा कि यह अनंत यात्रा का और अनंतकाल के लिए होता हैं सीमित मात्रा का नहीं । यह प्रतिक्षण वर्धमान और इसके ऊपर कभी भी दुःख का अधिकार नहीं होता हैं ।

आनंद प्राप्ति के लिए वादों का अपना विवाद

स्वामी जी ने बताया कि आनंद प्राप्ति के लिए विश्व में जितने भी वादों के विवाद चल रहे हैं, उनको हम दो वादों में विभक्त कर सकते हैं भौतिकवाद औरअध्यात्मवाद उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि भौतिकवाद की उन्नति से अन्तःकरण की शुद्धि सर्वथा असम्भव हैं और उसके बिना सुख-शान्ति की आशा रखना व्यर्थ हैं ।

निष्कर्ष- सुख किसे कहते हैं हम सब भगवान के अनुयायी हैं

स्वामी जी ने निष्कर्ष निकाला कि प्रत्येक जीव का चरम लक्ष्य आनंद प्राप्ति ही हैं और यह आनंद ईश्वर में ही मिल सकता हैं । उन्होंने बताया जनसमुदाय से पूछा कि आप क्या जानते हैं कि सुख किसे कहते हैं कि हम सब भगवान के ही अनुयायी हैं । महाराज श्री ने वेदान्त दर्शन को ब्रह्मसूत्र या उत्तर मीमांसा भी कहते हैं , जिसका लक्ष्य आनंद प्राप्ति हैं । कथा श्रवण करने सत्येन्द्र सिह, पुरुषोत्तम शर्मा, डां रमाकांत सोनी,शशिभूषण सोनी , राकेश शर्मा, श्रीमति कुसुम-कृष्णा पाण्डेय, श्रीमति संगीता-सुरेश पाण्डेय, रजनी-सिद्धनाथ सोनी, श्रीमति वंदना पाण्डेय सहित अन्यान्य लोग उपस्थित थे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *