श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस ब्यास पीठ से आचार्य श्री पंडित विजय शंकर मेहता जी ने सुनाई श्री कृष्ण गमन तथा परीक्षित मोक्ष की कथा


श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस ब्यास पीठ से आचार्य श्री पंडित विजय शंकर मेहता जी ने सुनाई श्री कृष्ण गमन तथा परीक्षित मोक्ष की कथा
ब्यास पीठ से कथा श्रवण करते हुए पंडित विजय शंकर मेहता जी ने कहा कि मृत्यु भय का नहीं आनंद का विषय होना चाहिए जिस पर हमारा वश नहीं चलता उससे डरने की जरूरत नहीं है वो तो विधि का विधान है जो जीवन में होना है वह तो होगा है इसलिए जीवन में कोई समस्या आए तो सहज होकर उनका सामना कीजिए तो उनका समाधान भी जल्दी ही मिल जाएगा
मौत तो एक दिन सभी को आनी है जिस दिन जीवन का पहली सांस लेता है उसी दिन दिन से उसकी अंतिम सांस भी तय हो जाती है मृत्यु का आगमन भय का नहीं वरन आनंद का विषय होना चाहिए जिस प्रभु के पास से आए है उन्हीं के पास जा रहे है मौत आ जाए और जीवन में अमृत न घटे तो समझ लीजिए कि सब बेकार है जो मृत्यु से भयभीत नहीं हुआ और जिसे मृत्यु से साक्षात्कार कर लिया इसका जीवन सफल हो जाता है राजा परीक्षित को भी महराज शुकदेव ने कथा सुनाकर उनका मृत्यु से साक्षात्कार करा दिया सात दिन की कथा सुनकर राजा परीक्षित को बोध हो गया कि जब तक्षक नाग ने उन्हें डशा तो वो आनंदपूर्वक अपना शरीर छोड़कर गए उन्होंने अपना शरीर ऐसे त्याग कि जिसे देखकर मृत्यु भी शर्मा गई
भगवान व्यक्ति का पद प्रतिष्ठा नहीं केवल उसकी भक्ति देखता है इस लिए भगवान के प्राप्ति के लिए अपने अंदर की भक्ति बचाए रखना भगवान श्री कृष्ण जी ने उद्धव के द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया और बताया कि सतगुण में वृद्धि ही स्वर्ग है व्यक्ति को हर परिस्थितियों में भगवान पर भरोसा बनाए रखना चाहिए और शांत रहने को ही सबसे अच्छा गुण बताते हुए भगवान ने कहा कि लोगों को शांत रहने का तरीका स्वयं ढूंढना होगा मंत्र के साथ प्राणायाम करने से व्यक्ति को सुख की प्राप्ति होती है और मन को नियंत्रित करने के लिए प्राणायाम जरूरी है
नगर वासियों की ओर से ब्यास पीठ पर विराजित पण्डित विजय शंकर मेहता जी के प्रति आभार ज्ञापित किया गया और इस इस मौके पर कथा आयोजक परिवार की ओर से सभी आए हुए भक्त जानो का आभार प्रकट किया गया कथा आयोजन परिवारों से सज्जन अग्रवाल जी, प्रवीण अग्रवाल , निकेत अग्रवाल ,सहित प्रमुख रूप से छत्तीसगण विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत एवं उनके प्रतिनिधि ठाकुर गुलजार सिंह ,बजरंग डिडवानिया ,पवन मोदी धीरेन्द्र बाजपेई ,किशन लाल सोनी पंकज शुक्ला, भगवान दास गड़ेवाल विनोद अग्रवाल डॉ रामखिलावन यादव संपादक जनादेश24न्यूज ,रविन्द्र द्विवेदी , शशिभूषण सोनी , डॉ बृजमोहन जी , डॉ संतोष अग्रवाल ,नंदकुमार देवांगन ,नारायण सोनी ,मनोज मित्तल , शैलेष शर्मा जी वरिष्ठ पत्रकार हरिभूमि एवं आदि जगहों से आए हुए श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे


