स्वामी श्री पुंडरीकक्षाचार्य जी महराज अपने मुखारबिंद से श्रीकृष्ण के रासलीला से लेकर रुक्मिणी मंगल विवाह तक की कथा सुनाई गई, और श्रोता भावविभोर होकर श्रवण करते रहे



न्यूज़ जांजगीर-चांपा । चांपा नगर की पुण्य धरा पर श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के समापन के एक दिन पहले भागवत भूषण,श्रीधाम वृन्दावन धाम वासी श्री स्वामी पुण्डरीकाक्षाचार्य जी महाराज ने श्रीकृष्ण रासलीला से लेकर रुक्मिणी मंगल विवाह की कथा सुनाई । उन्होंने कहा मनुष्य जीवन में कष्ट आता हैं भगवान सब कष्टों को निर्विघ्न दूर कर देते हैं, इसीलिए हर व्यक्ति को कथा महापुराण सुनना चाहिए ।
भगवान की कथा से मन को नहीं हटाना चाहिए ।
भागवत कथा से कभी-भी अपने आप को विमुख नहीं करना चाहिए । जप,तप और ध्यान भले ही न करो लेकिन जहां कही भी कथा महात्म्य हो रही हैं मन लगाकर कथा सुननी चाहिए ,कथा से मन को नहीं हटाना हैं ।
कथा की सफलता जीवन में आचरण से होती हैं ।
भागवताचार्य पंडित जी ने कहा कि ब्रज में एक ऐसी जगह हैं जहां बारहों मास कथा होती हैं, एक संत-महात्मा आज़ भी उस स्थान पर बैठे हुए हैं नित्य यह कथा 1 या 2 घंटे तक तो चलती ही हैं । यदि सुनने वाला एक भी व्यक्ति या तीन-चार तो भी कथा होती हैं । उन्होंने कहा कि कथा की सफलता जीवन के आचरण से होती हैं । आज जितने भी धार्मिक ग्रंथ हैं उनमें एक मात्र श्रीमद्भागवत कथा ही श्रेष्ठ हैं । कथा सुनने के बाद यदि मन लग जाएं तभी कथा की सार्थकता हैं ।
महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जीवन शैली प्रेरणादायक उद्धरण ।
इस अवसर पर आयोजित कथा महात्म्य में श्रद्धालु-जनों को रसपान कराते हुए आचार्य श्री-श्री स्वामी पुण्डरीकाक्षाचार्य जी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के राजिम से मात्र 14 किलोमीटर दूर चंपारण महाप्रभु वल्लभाचार्य जी का जन्म स्थली हैं। अल्पायु में ही वल्लभ की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी, वे भगवान श्रीकृष्ण जी के परमभक्त ही नहीं बल्कि अद्वैतमत के प्रवक्ता माने गए, उन्होंने श्रीमद्भागवत पुराण की सुबोधनी टीका, ब्रह्मसूत्र पर अनुभाष्य तथा षोडस ग्रंथ लिखे। विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय ने उनकी विद्वता से प्रभावित होकर आचार्य की पदवी दी तब से वे वल्लभाचार्य कहलाएं। आगे विस्तार पूर्वक पं स्वामी पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदान्ती जी महाराज ने कहा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य जी एक महान संत थे , वे जीवनपर्यंत भगवान की सेवा करते रहे । जीवन का एक भी दिन बिना सेवा में नहीं बिताया और एक दिन भी भगवान की सेवा करनी नहीं छोड़ी ।
श्रद्धालु-जनों की बड़ती संख्या और महराज जी की मधुर वाणी से लाभान्वित श्रोंतागण ।
प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा यात्रा को जनादेश न्यूज़-24 के संपादक डॉ राम खिलावन यादव तथा सहयोगी शशिभूषण सोनी द्वारा जन-जन तक पहुंचाया जा रहा हैं । साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों की संख्या बढ़ते जा रही हैं इसका कारण वृंदावन से पधारे महराज जी मधुर वाणी में श्रोताओं को लाभान्वित कर रहे हैं ।
कथा महात्म्य का सीधा प्रसारण यूट्यूब के जरिए, आयोजक श्रद्धालु-जनों का स्वागत राधे-राधे दुपट्टा पहनाकर सम्मानित कर रहे हैं ।
श्रीराम मंगलमय भवन श्रीराम बाड़ा गौशाला के पास विशाल पंडाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का लाईव टेलीकास्ट के जरिए सीधा प्रसारण किया जा रहा हैं । आयोजन स्थल पर बजरंग मेडिको के संचालक और आयोजक परिवार के सदस्य सुनील कुमार अग्रवाल, आशीष गोयल , पीयूष गोयल ने कथा स्थल पर आने वाले यजमानों और श्रद्धालु-जनों का राधे-राधे दुपट्टा और तिलक लगाकर स्वागत कर रहे हैं ।