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मड़वा प्लांट के पास फिर दिखा तेंदुआ, रात 8:45 पर बस्ती की ओर मदनपुर में देखा गया, ग्रामीणों में मचा हड़कंप — तेंदुआ ने पालतू कुत्ते को बनाया शिकार, वन विभाग सतर्क…

मड़वा प्लांट के पास फिर दिखा तेंदुआ, रात 8:45 पर बस्ती की ओर मदनपुर में देखा गया, ग्रामीणों में मचा हड़कंप — तेंदुआ ने पालतू कुत्ते को बनाया शिकार, वन विभाग सतर्क…

मड़वा प्लांट के पास फिर दिखा तेंदुआ, मदनपुरगढ़ में पालतू कुत्ते को बनाया शिकार
गांव में दहशत का माहौल, वन विभाग की टीम मौके पर

जांजगीर -चांपा:- इस वक्त की बड़ी खबर जांजगीर- चांपा जिले के मड़वा पावर प्लांट क्षेत्र से सामने आई है, जहां फिर एक बार तेंदुए के देखे जाने से हड़कंप मच गया है, बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 8:45 बजे के आसपास रैनपुर के आश्रित ग्राम मदनपुरगढ़ में तेंदुआ बस्ती की ओर दिखाई दिया,

जानकारी के अनुसार तेंदुए ने गांव के एक परिवार के पालतू विलायती कुत्ते को शिकार बना लिया, जिसके बाद वह गांव की ओर बढ़ गया, इस घटना की खबर फैलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया है, ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और रात के समय घरों से बाहर न निकलें, वन विभाग की टीम ने बताया कि तेंदुए के मूवमेंट की निगरानी जारी है और जल्द ही उसे पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे,

वन विभाग नागरिकों से निम्न सावधानियाँ अपनाने की अपील – वृद्धजन एवं बालक-बालिकाएँ प्रातः काल एवं सायंकाल के समय अकेले बाहर न निकलें। खुले में शौच करने से परहेज करें, क्योकि इससे वन्यजीवों से अनावश्यक आमना-सामना हो सकता है। पशुपालक एवं पशुधन धारक व्यक्ति (जैसे बकरी, मुर्गी, सुअर आदि पालने वाले) अपने पशुओं को रात्रि के समय सुरक्षित बाड़े या घेरों में रखें। पालतू कुत्ते या बिल्ली रखने वाले व्यक्ति अपने पालतू पशुओं को रात्रि में घर के अंदर रखें। किसी भी स्थिति में वन्यजीव को चिढ़ाने, डराने, पत्थर फेंकने, जीवित तारों का प्रयोग करने जैसे कृत्य न करें। ये कार्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा के अंतर्गत शिकार की श्रेणी में आते है और इसके लिए कठोर दण्ड का प्रावधान है।

तेन्दुआ एक मानव परिहारक प्राणी है। यह सामान्यतः मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाता। सम्भवतः यह तेन्दुआ भोजन अथवा आश्रय की खोज में अपने प्राकृतिक आवास से भटककर इस क्षेत्र में आया हो। अतः इससे छेड़छाड़ न करें और संयम बरतें। यदि किसी स्थान पर तेन्दुए या अन्य वन्यजीव की उपस्थिति दिखाई दे, तो तत्काल सूचना अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों या उड़दस्ता प्रभारी श्री टेकराज सिदार (मो.नं. 8223813383) को दें। वन विभाग क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी कर रहा है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे शांति बनाये रखें, अफवाहों पर ध्यान न दे तथा विभाग द्वारा दिए गये दिशा-निर्देशों का पालन करें। वन्यजीव तेन्दुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है – ऐसे में इसके प्रति संवेदनशीलता, सह-अस्तित्व की भावना एवं संरक्षण की प्रवृत्ति हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है.

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