भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों के घर माखन के रूप में माखन नहीं बल्कि प्रेम चुराया करते है पं उत्तम मिश्रा जी


बहेराडीह में श्रीमद भागवत कथा में श्रीकृष्ण के बाल लीला का किया वर्णन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला हमें सिखाती है कि जीवन में प्रेम और सादगी सबसे बड़ी शक्ति है। भगवान अपने भक्तों के घर माखन के रूप में प्रेम चुराने आते हैं। उक्त बातें ग्राम बहेराडीह स्थित माँ दुर्गा चौंक में यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान कथा के छठवाँ दिवस कथा वाचक पं उत्तम मिश्रा ने जगत गुरु भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीला का वर्णन करते हुये ब्यक्त किया।

उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओ का वर्णन करते हुये कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए हुआ था। जन्म के बाद वे नंद बाबा और यशोदा मइय्या के घर पले बढ़े। उनका बचपन असाधारण और चमत्कारों से भरा हुआ था। उन्होंने माखन चुराने की लीला लीला का वर्णन करते हुये कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को माखन बहुत प्रिय था। अपने सखाओ के साथ घर घर जाकर माखन चुराते थे। ज़ब माँ यशोदा उन्हें डाटती थीं। तो वे भोलेपन से मुस्कुराते हुये प्रेमपूर्वक बहाना बनाते थे। कथा वाचक पंडित उत्तम मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला हमें जीवन में प्रेम और सादगी सबसे बड़ी शक्ति है। भगवान अपने भक्तों के घर माखन के रूप में प्रेम चुराने आते थे। कथा में कालिया नाग का दमन की कथा से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि साहस और सत्य की शक्ति से कोई भी बुराई पर विजय प्राप्त कर सकता है। वहीं गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से संगठन और एकता में अपार शक्ति होती है तथा प्रकृति की पूजा करनी चाहिए न कि अहंकार की।
कथा सुनने वालों में जिला पंचायत सदस्य उमा राजेंद्र राठौर, पूर्व जिला सदस्य शशि दीपक बरेठ, नम्रता राघवेंद्र ,नारायण यादव ,जमुना गेंदराम पूर्व जनपद सदस्य कमरीद ,फिरतू राम यादव चाम्पा, डॉक्टर रामखिलावन यादव संपादक जनादेश 24न्यूज ,जगराम राठौर, संतोष यादव फुलेश्वर यादव उमरेली समेत अन्य गावों के श्रद्धांलु बड़ी संख्या में शामिल हुये।