
श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का अंतिम दिन सुदामा चरित्र, गुरु महिमा, परीक्षित मोक्ष के साथ सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन ।
श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का अंतिम दिन सुदामा चरित्र, गुरु महिमा, परीक्षित मोक्ष के साथ सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन ।
*प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, पूर्व अध्यक्ष शैलेश शर्मा,कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, निराला साहित्य मंडल प्रधान सचिव डॉ रविंद्र द्विवेदी तथा विशेष प्रतिनिधि शशिभूषण सोनी ने भागवताचार्य पंड़ित चंद्रशेखर महराज जी का फूल-माला, राधे दुपट्टा व सहस्त्राभिनंदन पत्रक भेंट कर वाचन किया ।*
न्यूज़ चांपा । नीम चौंक सोनार पारा चांपा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन कथा ब्यास पीठाधीश्वर परम श्रद्धेय पंडित चंद्रशेखर महाराज परसदा बिल्हा वाले ने अपनी अमृतमयी ओजस्वी वाणी से युक्त विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिये ।
आचार्य पंडित जी ने भागवत कथा के सातवें दिन श्रीकृष्ण के अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया गया हैं ,वहीं मां देवकी के कहने पर छह पुत्रों को वापस लाकर मां देवकी को वापस देना सुभद्रा हरण का आख्यान कहना एवं सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा ब्यास पीठाधीश्वर पं चंद्रशेखर महाराज जी ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जी से सीखिए ।
श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का अंतिम दिन होने के कारण पंजीकृत प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, पूर्व अध्यक्ष शैलेश कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, विशेष सहयोगी तथा निराला साहित्य मंडल प्रधान सचिव डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी तथा विशेष प्रतिनिधि शशिभूषण सोनी श्रीमद्भागवत कथा स्थल पर पहुंचे, भागवत सोनी परिवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। सभी लोगों ने कथा का रसपान किया। श्रद्धालु भक्त भी भाव-विभोर होकर सुदामा चरित्र की कथा श्रवण कर रहे थे ।
*जब-जब भक्तों पर विपदा आती हैं प्रभु उनका तारण करने अवश्य आते हैं – महराज जी ।*
भागवताचार्य चंद्रशेखर महराज ने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह करने पर अपने मित्र सखा श्रीकृष्ण जी से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे । उन्होंने कहा कि सुदामा जी ने द्वारकाधीश के महल का पता पुछा और महल की ओर आगे बढ़ने लगे तभी द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया , तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं इस पर द्वारपाल महल के अंदर गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया हैं अपना नाम सुदामा बता रहा हैं जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना प्रभु सुदामा-सुदामा करते हुए तेज़ी से द्वार की ओर भागे । सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने उन्हें सीने से लगा लिया सुदामा ने भी कन्हैया-कन्हैया कहकर उन्हें अपने गले से लगाया । दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गये वहीं श्री कृष्ण जी ने सुदामा को अपने ही राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया । जब-जब भी उनके भक्तों पर विपदा आई हैं प्रभु उनका तारण करने अवश्य आएं हैं ।
*सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई, तिराहे नीम चौक परिसर खचा-खच भरा हुआ था ।*
वही चांपा सोनार पारा नीम चौंक में चल रहे धार्मिक आस्था रखने वाली संभ्रांत महिला स्वर्गीय श्रीमती बैशाखा सोनी जी के प्रथम पुण्य स्मृति यानी कि वार्षिक श्राद्ध में भागवत प्रसाद सोनी एवं मुख्य यजमान श्री राजकिशोर सोनी -श्रीमती वर्षा सोनी और कथा ब्यास पीठाधीश्वर परम श्रद्धेय पं चंद्रशेखर महाराज जी परसदा (बिल्हा) ने कहा कि इस सप्त-दिवसीय कथा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं ।
*श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य के दौरान प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सलूजा भाव-विह्वल हो उठे और अपनी आंसू पोंछते रहे ।*
सप्त-दिवसीय अनुष्ठान भागवत कथा का सिलसिलेवार भागवत महात्म्य वराह अवतार, ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र, कपिलोख्यान,जड़ भरत कथा, श्रीराम चरित्र, कृष्ण चरित्र,, बाल लीला, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी मंगल विवाह, सुदामा चरित्र, दत्तात्रेय के बाद परीक्षित मोक्ष की कथा प्रसंगों का संक्षिप्त वर्णन करने के दौरान प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाएं और भाव-विह्वल हो गए । उपस्थित सदस्यों ने उन्हें ढ़ाढस बंधाया ।
*जो भी श्रद्धालु भागवत कथा का श्रवण करता है उसका जीवन तर जाता हैं – भागवताचार्य महाराज जी।*
महाराज जी ने कहा जो भी भागवत कथा का श्रवण करता हैं उसका जीवन तर जाता हैं ।
*प्रेस क्लब चांपा के सभी सदस्यों का आचार्य श्री ने व्यासपीठ पर आमंत्रित किया, उन्हें बारी-बारी से राधे-राधे दुप्पटा तथा श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया ।*
इस अवसर पर विशेष आमंत्रण पर सहभागी प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, पूर्व अध्यक्ष शैलेश कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी, तथा मीडिया सहयोगी शशिभूषण सोनी पहुंचे। आयोजक भागवत सोनी परिवार ने सम्मान स्थान दिया, वो काफ़ी देर तक कथा महात्म्य का रसपान करते रहे । समय देखकर भागवताचार्य पंड़ित चंद्रशेखर महराज ने एक-एक सदस्यों को मंच पर आमंत्रित किया । आएं हुए सभी गणमान्य पत्रकार बंधुओं का पीठाधीश्वर महाराज जी ने राधे-राधे दुपट्टा पहनाकर स्वागत-सत्कार किया और श्रीफल भेंट किया ।
*प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा ने व्यासपीठ मंच से भागवताचार्य महाराज जी का स्वागत किया और सहस्त्राभिनंदन-पत्र भेंटकर आशीर्वाद लिया।*
प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा तथा साथियों ने भी भावनाओं का सम्मान करते हुए भागवताचार्य महाराज जी का फ़ूल माला पहनाकर , श्रीफल और अभिनंदन-पत्रक भेंट कर वाचन किया । इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष डॉ कुलवंत सिंह सलूजा, डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी तथा साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने व्यासपीठ से श्रद्धालु भक्तों को संबोधित किया ।



