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श्रीराम सेवा समिति द्वारा संगीतमय श्रीराम कथा ! कथा श्रवण करने उमड़ रही भारी भीड़

श्रीराम सेवा समिति द्वारा संगीतमय श्रीराम कथा ! कथा श्रवण करने उमड़ रही भारी भीड़ ।

*हर किसी का भाव मरना नही हैं जिसने संसार में जन्म लिया हैं उसे एक दिन मरना ही पड़ता हैं । हम भगवान के हैं और भगवान श्री‌राम हमारे हैं – संत शंभुशरण लाटा ।*

न्यूज़ जांजगीर-चांपा । भक्तों के लिए भगवान श्रीराम सदा-सर्वदा कृपा करते रहते हैं । हर किसी का भाव मरना नहीं हैं , जिसने इस संसार में जन्म लिया हैं उसे एक-ना-एक दिन मरना ही पड़ता हैं ,चाहे घंटा भर बाद या फ़िर सौ वर्ष के बाद यानी कि सभी मरे हैं और आगे भी मरेंगे । हम भगवान के हैं और भगवान श्री‌राम हमारे हैं । यह नश्वर शरीर संसार का हैं और संसार शरीर का हैं । प्रभु श्रीरामचन्द्र जी की गोद में जटायु जैसी मृत्यु किसी को भी नहीं मिली । प्रभु चरित्र को स्मरण करते हुए,प्रभु को देखते हुए मृत्यु हुई धन्य हैं जटायु । धन्य हैं भगवान श्रीरामचन्द्र जी । ये बातें कंचन की नगरी चांपा के परशुराम मार्ग स्थित द माडर्न विलेज प्रांगण में श्रीराम सेवा समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा महात्म्य में वाणी भूषण संत श्रद्धेय पंडित शंभुशरण लाटा ने नव-दिवसीय श्रीराम कथा करते हुए कही ।

*मकर संक्रांति की पूर्व संध्या से आध्यात्मिक नगरी चांपा में श्रीराम कथा ।*

मकर संक्रांति के दो-दिन पूर्व भारतवर्ष के प्रसिद्ध कथावाचकों में पंडित शंभुशरण लाटा कोलकाता का नाम लिया जाता हैं । देश-भर के विभिन्न राज्यों में अभी तक 310 से अधिक राम कथा कर चुके हैं । कथा प्रसंग के दौरान उन्होंने कहा कि इस मायावी रुपी संसार
में बड़े-से-बड़े लोग अवतार लेकर आएं हैं उन सबको भी एक दिन शरीर छोड़ना पड़ा हैं । भगवन्नाम जप करने मात्र से ही सभी विघ्न दूर हो जाते हैं ।

*ह्दय की सरलता और मन में पवित्रता श्रीराम नाम भक्ति का माध्यम हैं । सरल हृदय वाले मनुष्य भगवान के भक्त बन जाते हैं ।*

कथा स्थल पर मौजूद शशिभूषण सोनी ने बताया कि सुप्रसिद्ध कथा वाचक लाटा जी भगवान राम की महिमा का वर्णन बहुत ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम अमर हैं । राम नाम का नाश नही होता, राम नाम का नाम अमर हैं । हदय की सरलता एवं मन में पवित्रता श्रीरामन्नाम भक्ति का माध्यम हैं । सहज-सरल हृदय वाले मनुष्य भगवान के भक्त बन पाते हैं ।

*श्रीराम सेवा समिति द्वारा कथा से पूर्व और पश्चात् आचार्य पंडित जी का आरती और पूजा-अर्चना ।*

श्रीराम कथा दिव्य और अलौकिक हैं । आयोजन, श्रवण,मनन और चिंतन से शांति, समृद्धि और विश्रांति मिलती हैं । कथा से पूर्व और पश्चात् प्रतिदिन श्रीराम सेवा समिति के सदस्यों द्वारा कथावाचक श्रद्घेय लाटा जी स्वागत,आरती और पूजा-अर्चना की जाती हैं । आयोजक मंडल में मुख्यतः दीपक अग्रवाल, रामगोपाल सोमानी, कमल मोदी, विष्णु गोयल, हनुमान देवांगन तथा गौरीशंकर अग्रवाल के संयोजन में रामकथा आयोजित हैं । श्रीराम कथा का लाईव आन प्रसारण शिव-शक्ति टीवी चैनल पर किया जा रहा हैं । कथा श्रवण करने वालों में नंद कुमार देवांगन, डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी , शशिभूषण सोनी, डॉ राम खिलावन यादव , वीरेंद्र अहीर , कृष्ण कुमार देवांगन, राजेन्द्र जायसवाल, श्रीमति सरोज मुंदड़ा , शशिप्रभा सोनी, कविता थवाईत आदि भक्त जनों की उपस्थिति रही । आज़ दिनांक 15 जनवरी, 2025 को नव-दिवसीय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिन पुष्य वाटिका प्रसंग पर आचार्य श्री लाटा जी कथा का रसपान करायेंगे ।

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