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श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ में बह रही है ज्ञान और भक्ति की धारा  में डूबकी लगा रहे है भक्त और कथा सुन भाव विभोर हुए भक्त

जनादेश 24न्यूज जांजगीर चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमंदा के बस स्टैंड स्थित राठौर परिवार के सान्निध्य में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ की अविरल ज्ञान की गंगा रूपी धारा बह रही है जिसमें ब्यास पीठ पर विराजमान है पण्डित श्री प्रेमनारायण शर्मा जी देवकर बेमेतरा वाले जो कि अपने मुखारबिंद से भागवत प्रेमी सज्जनों को कथा का रसपान करा रहे हैं और भक्तों को भी मां भगवती जी की असीम कृपा से श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है


यह श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन परम ब्रह्म ,अनंतकोटी ब्रह्माण्ड नायक ,करुणा वरुणालय, आनन्दकन्द देवकी नंदन, रास रासेश्वर ,श्री कृष्ण और राधा रानी जी, एवं मां भगवती के असीम कृपा से पंडित जी डॉक्टर प्रेम नारायण शर्मा जी देवकर बेमेतरा वाले जो अपने मुखारबिंद से भागवत कथा का रसपान करा रहे और आप और हम सभी उपस्थित भागवत प्रेमी भक्ति की धारा में डुबकी लगा रहे हैं और मां भगवती की कथा सुन रहे है भक्त कथा सुनकर भाव विभोर हो रहे है श्रद्धालु भक्तजनों को ब्यास पीठ पर विराजमान पंडित श्री प्रेमनारायण शर्मा जी अपने मुखारबिंद से मां भगवती जी का स्तुति करते हुए गाना गया कि झुप्पत झुप्पत अबे दाई , झुप्पत झुप्पत अबे ओ मोर अंगना म इस स्तुति करते ही भागवत सुनने आई हुई एक मां के ऊपर मां भगवती जी सवार होकर भक्तों दर्शन दिए और देवी सवार होकर झूमते नाचते दिखे फिर ग्राम बैगों के द्वारा मां भगवती के चरणों को पखार कर अर्जी विनती का शांति कराया गया


इसके बाद तीसरे दिन की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के नवम स्कंध एवं अध्याय 19में राजा रु रु कथा नहीं बल्कि राजा पुरुरवा और उर्वशी की प्रसिद्ध कथा है
सर्प काटने से मृत्यु की कथा आपको बताते है कि रु रु नामक एक ऋषि की कथा मिलती जुलती है जो मुख्यरूप से महाभारत की (आदि पर्व )में वर्णित है न कि महाभारत में रु रु की कथा सर्प को मारने का है जो कि सर्प द्वारा काटे जाने की की नहीं कथा का मुख्य कारण यही है कि रु रु की मंगेतर (भावी पत्नी )प्रमद्वरा की मृत्यु एक जहरीले सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी और रु रु का क्रोध इस घटना से दुखी हो कर रु रु ने प्रतिज्ञा की थी कि वह जंगल में दिखने वाले हर सर्प को मार डालेगा और इस तरह से हर सर्प को दुश्मन के प्रजाति का है कहकर मार डालता था का कथा का सुंदर वर्णन कर समझाया कि एक का गलती का सारे समुदाय को दण्ड नहीं देना चाहिए और अपने स्व विवेक का उपयोग करना चाहिए और उन्होंने कहा कि हमें स्त्री में इतनी भी अशक्त नहीं होना चाहिए कि स्व विवेक भी न कर सके और अपने प्रभु को भूल जाए बल्कि हमें प्रभु का स्मरण हमेशा करते रहना चाहिए क्योंकि हमे उन्हीं प्रभु में है फिर मिलना है
भागवत महापुराण कथा सुनने एवं ज्ञान यज्ञ में कथा सुनने आए हुए स्वागत की श्रृंखला में भागवताचार्य पण्डित श्री प्रेमनारायण शर्मा जी द्वारा पत्रकार डॉक्टर रामखिलावन यादव संपादक जनादेश 24न्यूज को एवं स्थानीय नागरिक तिजराम यादव को भी ब्यास पीठ पर से आमंत्रित कर मां दुर्गा की दुपट्टा पहनाकर एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया और कहा कि मैं व्यासपीठ पर से मां भगवती जी से विनती करता हूं कि आपके जीवन में हमेशा सुख शांति वैभव और आशीर्वाद मां भगवती जी प्रदान करे इस तरह आशीर्वाद देते हुए रोज भागवत महापुराण कथा सुनने के बुलाया गया

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