विवाह की सबसे पहली रस्म में उमड़ा रिश्तेदारों का स्नेह, दूल्हा-दुल्हन को दी अग्रिम बधाईयां

हल्दी का यह शुभ रस्म कामिनी और आशीष के जीवन को इंद्रधनुषी रंगों से सराबोर कर दे !
हल्दी रस्म के दौरान ढोल-नगाड़े,लोक गीत और पारंपरिक नृत्य से माहौल खुशनुमा हो गया ! नाते-रिश्तेदारों ने नाच-गाकर दूल्हा दुल्हन को दिया आशीर्वाद
विवाह की सबसे पहली रस्म में उमड़ा रिश्तेदारों का स्नेह, दूल्हा-दुल्हन को दी अग्रिम बधाईयां
न्यूज जांजगीर-चांपा ।विश्वास, प्रेम,सृजन और पवित्रता की डोर से बांधता एक ईश्वरीय बंधन हैं, विवाह ! कहा जाता हैं कि जोड़ियां आसमानों से बनती हैं इसीलिए इस बंधन की पवित्रता भी देवतुल्य हैं । यह बंधन ठीक वैसा ही हैं जैसा सुखद, अपनेपन और सुरक्षा का एहसास दिलाता कोई बंधन होता हैं । सोनी परिवार में दाम्पत्य-जीवन की सुखद बेला में इस बंधन को अटूट रखने की कामना की गई । नगर के हृदय स्थल पर स्थित हांटल ग्रीन पार्क , जांजगीर में शादी-ब्याह की खुशियां छाई हुई हैं । शशिभूषण सोनी ने बताया कि मेरी प्रिय भांजी सौभाग्यकांक्षी कामिनी और आशीष कुमार के विवाह की शुरुआत शुभ हल्दी रस्म की अदायगी के साथ हुई ।
हल्दी – शुभारंभ का प्रतीक
भारतीय परंपरा में हल्दी को विवाह का शुभारंभ माना जाता हैं ।इस दिन दूल्हा-दुल्हन के शरीर पर हल्दी का लेप लगाया जाता हैं, जो सुख-समृद्धि और बुरी नजर से रक्षा का प्रतीक हैं। हल्दी रस्म के लिए दुल्हन कामिनी पारंपरिक परिधान और ज्वेलरी पहनकर तैयार हुईं । परिवार के सभी नाते-रिश्तेदारों और सहेलियों ने उल्लास के साथ दुल्हन कामिनी और दूल्हे आशीष के शरीर पर हल्दी का लेप लगाया ।
बधाइयों और शुभकामनाओं का दौर
इस पावन अवसर पर शशिभूषण सोनी- श्रीमति शशिप्रभा सोनी ने नवदंपति को विवाह की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दी । उन्होंने कहा कि यह पवित्र संस्कार नवदंपति कामिनी और आशीष के जीवन में सुख, समृद्धि और शुभ फल लेकर आए । श्री युत बिहारीलाल – श्रीमति श्यामलता सोनी ( दीदी-जीजा जी ) परिवार के स्नेह और आतिथ्य के लिए हृदय से धन्यवाद। हल्दी रस्म के दौरान ढोल-नगाड़े, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य से माहौल खुशनुमा हो गया! रिश्तेदारों ने नाच-गाकर दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया ।
शादी की अनंत बधाई और शुभकामनाएं
हल्दी की यह शुभ रस्म कामिनी और आशीष के जीवन को सुनहरे रंगों में से भर दे । सोनी परिवार को इस मंगल बेला की हार्दिक बधाईयां ।