
श्रीमती सुरजा खांडे ‘तनया’ को साहित्य सुरभि सम्मान प्रदान किया गया
प्रेस विज्ञप्ति
श्रीमती सुरजा खांडे ‘तनया’ को साहित्य सुरभि सम्मान प्रदान किया गया
– छत्तीसगढ़ कलमकार मंच मस्तूरी द्वारा श्रीमती सुरजा खांडे ‘तनया’को साहित्य सुरभि सम्मान 2025 प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.किशन टंडन क्रांति द्वारा संपादित साझा काव्य संग्रह साहित्य सुरभि में प्रस्तुत अपनी रचना ‘जीवन एक इम्तिहान’ में श्रीमती सुरजा खांडे ने जीवन सफर की सुख-दु:ख को रेखांकित करते हुए कहा है कि- ‘ मानव जीवन सुख-दु:ख के तराजू की दो पलड़ा की तरह है जिसमें कभी दु:ख का पलड़ा भारी हो जाता है तो कभी सुख का पलड़ा। मानव की हर चाहत कभी पूर्ण नहीं होती है किंतु जब मानव गिरकर संभल जाता है तो वह फिर विजय को हासिल अवश्य करता है। उनकी उल्लेखनीय पंक्ति –
“चलता हर पल सवालों में जीवन एक इम्तिहान है।
कभी खुशी कभी गम तो कभी इम्तिहान है।’
उन्होंने आगे कहा है कि जीवन में किसी भी मोड़ पर हालातों से नहीं घबराना चाहिए क्योंकि इम्तिहान के बाद नई अरमानों का सवेरा भी होता है। इस पर उल्लेखनीय पंक्ति –
‘संघर्ष की पाठशाला और अनुभव इसकी किताब है।
जो सीखे गिरकर चलना वही कहलाता नवाब है।’
कुल मिलाकर अपनी रचना में कवियत्री ने यही सीख दिया है कि हर मनुष्य को सामाजिक जीवन में पवित्र रिश्ते और अटूट संबंध को सदैव जीवित रखना चाहिए इससे व्यक्ति के शक्ति और कुशलता का महत्व सिद्ध होता है। हरेक लोगों को कष्ट के घड़ी में धैर्य का परिचय देना चाहिए और अपनी कुशलता और योग्यता को परिमार्जित करना चाहिए। इस साझा काव्य संग्रह में 58 रचनाकारों ने प्रतिभागिता दर्ज किया है। नवोदित साहित्यकार श्रीमती सूरजा खांडे ‘तनया’ को अब तक अनेकों अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार, सम्मान एवं अवॉर्ड से नवाजे जा चुके हैं। आपके इस उपलब्धि के लिए आपके समस्त रिश्तेदारों, मित्रों,जनप्रतिनिधियों,समाज सेवी संस्थाओं ने शुभकामनाएं और बधाई प्रेषित किया है।



