एवरेस्ट फतह करने निकली सुश्री अमित श्रीवास की वीरता और शौर्य को सलाम


सुश्री अमिता श्रीवास एक पर्वतारोही की हैं कहानी,एवरेस्ट शिखर की ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने की हैं बारी।
बधाई हो, बधाई हो, आपके साहस को सलाम ।।
आपके निरंतर प्रयास से , छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कोसा, कांसा और कंचन की नगरी का नाम होगा महान !!
एवरेस्ट शिखर चोटी पर कठिन से कठिन चढाई को चढ़ते हुए शिखर तक पहुंचना एक बहुत ही कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य हैं , जिसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की ताकत की आवश्यकता होती हैं । कोसा,कांसा एवं कंचन की नगरी लोहार पारा और शशि ज्वेलर्स के पीछे निवास करने वाली सुश्री अमिता श्रीवास ने इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया हैं और वह अब एवरेस्ट फतह करने के लिए आज सुपर क्रांति एक्सप्रेस उसलापुर बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अपने गंतव्य स्थान के लिए निकली हैं । निकलने से पहले चांपा सेवा संस्थान के अध्यक्ष मनोज कुमार मित्तल, पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम शर्मा, गणेश श्रीवास, सुशांत चौधरी,राम खूबवानी, सिद्धनाथ सोनी, श्रीमति मणि माला शर्मा, दीप्ति सराफ, मीरा चौधरी, अनुराधा श्रीवास सहित अन्य लोगों ने अंग वस्त्र तथा पुष्प वर्षा कर विदा किया ।
अमिता श्रीवास के साहस और विरता को सलाम
शशिभूषण सोनी ने कहा कि एवरेस्ट की शिखर चोटी पर पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं जैसे कि उच्च ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी। अत्यधिक ठंड और बर्फ बारी। खतरनाक रास्ते और ढलान । इसके अलावा शारीरिक और मानसिक थकान के बीच संतुलन बनाए रखना होता हैं । उन्होंने कहा कि बड़ी प्रसन्नता की बात हैं कि अमिता श्रीवास बहन ने अपनी तैयारी और साहस से इन चुनौतियों का सामना करने का निर्णय लिया हैं । हम उनकी सफलता की कामना करते हैं । जनादेश परिवार की ओर से आपकी वीरता और साहस को सलाम ।