ग्राम पंचायत कमरीद में विधि-विधान से हुआ होलिका दहन,बिना अश्लीलता बिना गाली गलोच के साथ हुआ सम्पन्न

जांजगीर चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरीद में आदर्श होली त्यौहार पर्व मनाया गया है होलिका दहन स्थान पर महिलाओं ने रात्रिकालीन में भजन कीर्तन करते हुए होलिका दहन स्थान पर समय बिताया और होलियारों ने बिना अश्लील शब्दों के बगैर शांत होते हुए होलिका गीत प्रस्तुत करते हुए होलिका दहन पर्व को शांति एवं सौहार्द पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘होलिका दहन’ का पर्व ग्राम पंचायत कमरीद में हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। ग्राम पंचायत के प्रमुख चौक पर ग्रामीणों की उपस्थिति में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
भाईचारे और शांति की अपील
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित समस्त ग्रामवासियों को होली के पावन पर्व की हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि:
आपसी सद्भाव: होली का त्योहार हमें पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने की प्रेरणा देता है।
शांतिपूर्ण उत्सव: त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं ताकि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।


हर्षोल्लास: रंगों के इस उत्सव को पूरे उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा और मर्यादा का ध्यान अवश्य रखें।
एकजुट दिखा पूरा गांव
होलिका दहन के समय गांव में उत्सव का माहौल रहा। बड़ों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की, तो वहीं युवाओं और बच्चों में होली को लेकर खासा उत्साह देखा गया। जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहारों के माध्यम से ही गांव की एकता और अखंडता मजबूत होती है।
होलिका दहन के स्थलों पर पुलिस द्वारा सुरक्षा के के लिए पुलिस द्वारा गश्त करते गांवों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखी गई। प्रशासन ने नागरिकों से आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
इस वर्ष होलिका दहन के दूसरे दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण होली तीसरे दिन खेली जाएगी। ग्रहण के सूतक के चलते मंदिरों के पट शाम लगभग 7 बजे के बाद खुलेंगे।
होली प्रेम, उल्लास और भाईचारे का पर्व है, जहां लोग आपसी मतभेद भुलाकर रंग-गुलाल के साथ गले मिलते हैं और खुशियां बांटते हैं।