धार्मिक आयोजन ! परीक्षित मोक्ष के साथ सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य का समापन

श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं बल्कि यह भक्ति और मुक्ति का साधन हैं । कथा मानव मात्र के कल्याण के लिए हैं । भागवत कथा अगाध हैं कोई माई का लाल नहीं जो कि इस कथा को सात दिनों में पूर्ण कर चुके – पंडित देवशरण दुबे जी महाराज , बिलासपुर ।
न्यूज़ चांपा । श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि भक्ति और मुक्ति का साधन हैं । भागवत कथा की महिमा अगाध हैं कोई माई का लाल नहीं जो सात दिनों में इस कथा को पूर्ण कर सके। योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की कथा अनंत हैं , यह मानव मात्र के कल्याण के लिए हैं । यह कथा सात दिन क्या साठ दिनों में पूर्ण नही हो सकता । समाजसेवी तथा धर्म प्रेमी स्मृति शेष रामकुमार सोनी के वार्षिक श्राद्ध निमित्त सप्त-दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान के दौरान छत्तीसगढ़ अंचल के सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रद्घेय पंड़ित देवशरण दुबे जी महाराज राजकिशोर नगर बिलासपुर वाले ने अपनी अमृतमयी ओजस्वी वाणी से कथा का समापन करते हुए कही । श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन दिनांक 13 जनवरी से दिनांक 20 जनवरी 2025 तक ऐतिहासिक श्रीजगन्नाथ मठ बड़े मंदिर परिसर स्थित भवन में किया जा रहा हैं ।
अंतिम दिन कथा प्रसंगों का सारगर्भित उद्बोधन दिया आचार्य श्री महराज ने ।
कथा महात्म्य का अंतिम दिन होने के कारण आचार्य श्री दुबे जी महाराज ने कथा प्रसंगों का शुरू से अंत तक सारगर्भित उद्बोधन देते हुए समापन किया ।
शामिल हुए विभिन्न श्रद्धालु भक्त वृंद ।
श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा का रसपान करने पहुंचे श्रद्धालु भक्त गण अधिवक्ता महावीर प्रसाद सोनी, केंद्रीय स्वर्णकार समाज के पूर्व सचिव अधिवक्ता संतोष कुमार, पूर्व सर्किल अध्यक्ष शिवराम सोनी, श्रीमति राधिका, गोविन्द मीना , वीरेंद्र नेहा, विद्यावती ,श्रीमति इंद्राणी स्वर्णकार, अन्नपूर्णा सोनी, लक्ष्मीवती, रजनी, शिक्षिका कमला सोनी , चंचल, शुभम, देव, प्रतिमा, विष्णु, आशीष,अभय, वैभव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित होकर कथा श्रवण कर रहे हैं । कथा के आयोजक दुर्गेश ऊर्फ लाला सोनी श्रीमति प्रभा सोनी हैं । आयोजक तथा पंडित जी महाराज ने मंच पर आमंत्रित कर अधिवक्ता श्रीमति विजय लक्ष्मी, अधिवक्ता जनकराम , संतोष ,शशिभूषण सोनी, महावीर को बुलाकर राधे-राधे दुप्पटा पहनाकर स्वागत-सत्कार किया ।
श्रोता गण भक्ति-भाव से मधुर संगीत पर झूमते नज़र आएं।
इस अवसर पर उपकथा वाचक योगेश पाण्डेय और अमित पांडेय सहभागी बने । कृष्ण के रुप में सुश्री प्रज्ञा और सुदामा के रुप में कान्हा के अभिनय को सभी ने सराहा । श्रोता गण भक्ति-भाव से मधुर संगीत पर नृत्य करते और धुन पर थिरकते नज़र आएं । दिनांक 20 जनवरी,2025 दिन सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा समापन अवसर पर तुलसी वर्षा, गीता पाठ पश्चात् होम-हवन ,सहस्त्र धारा और ब्राम्हण भोज किया जायेगा ।



