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अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे को जाति जनगणना में यादव समाज की सभी उपजातियों को एकीकृत श्रेणी में शामिल करने की मांग

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे को सौंपा ज्ञापन


जांजगीर-चांपा। आगामी जाति जनगणना 2027 में यादव समाज की सभी उपजातियों एवं समानार्थी नामों को एकल एवं एकीकृत श्रेणी ‘यादव’ में शामिल किए जाने की मांग को लेकर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज पारंपरिक रूप से यादव, ठेठवार, गोपाल, अहीर, गोल्ला, प्रधान, चौधरी, कोका, राय, घोष, मेनाव, यदु, कवराईत, यदुवंशी, गाढ़, रावत, गयार, राउत, महकुल सहित विभिन्न उपजातियों एवं उपनामों के तहत दर्ज किया जाता रहा है। महासभा का कहना है कि अलग-अलग नामों में दर्ज होने के कारण जनगणना के दौरान यादव समाज की वास्तविक संख्या का उचित आंकलन सामने नहीं आ पाता।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपलब्ध सामुदायिक दस्तावेजों के अनुसार यादव समुदाय विभिन्न राज्यों में 700 से अधिक उपजाति एवं उपनाम प्रविष्टियों में विभाजित है। इससे जनगणना के आंकड़ों में समाज की वास्तविक जनसंख्या का समुचित प्रतिबिंब नहीं मिल पाता।
महासभा ने कलेक्टर से मांग की कि आगामी जाति जनगणना 2027 में यादव समाज की सभी उपजातियों, उपनामों तथा समानार्थी नामों को एकीकृत श्रेणी ‘यादव’ के अंतर्गत दर्ज करने के लिए आवश्यक पहल की जाए, ताकि समाज की वास्तविक संख्या का सही एवं स्पष्ट आंकड़ा सामने आ सके।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष गिरधारी यादव, प्रदेश सचिव परमेश्वर धन्नू यादव, अकलतरा पीपरसत्ती ब्लॉक अध्यक्ष बालक राम यादव, मनीष यादव (अकलतरा) एवं नवागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव सहित यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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