त्रिवेणी संगम पर पुण्य स्नान, मंदिरों में देवास्थान में दर्शन-पूजन और कथा श्रवण पुण्यकारी हैं – स्वामी मधुसुदनाचार्य वेदान्ताचार्य जी महराज


धार्मिक आयोजन ! श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ और विराट संत सम्मेलन
त्रिवेणी संगम पर पुण्य स्नान, मंदिरों में देवास्थान में दर्शन-पूजन और कथा श्रवण पुण्यकारी हैं – स्वामी मधुसुदनाचार्य वेदान्ताचार्य जी महराज
न्यूज़ जांजगीर-चांपा । चित्रोपल्ला महानदी के संगम तट पर युग-युगांतर से विराजित भगवान शिवरीनारायण जी का पावन धाम श्रीशिवरीनारायण में मठ महोत्सव पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं । श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ और विराट संत सम्मेलन का यह आयोजन दिनांक 17 नवंबर 2025 से 25 नवंबर, 2025 तक शिवरीनारायण मठ मन्दिर परिसर में आयोजित किया गया हैं ।
कार्यक्रम की विशेषताएं
धर्म और आध्यात्म की पावन धरा शिवरीनारायण मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत महापुराण एवं विराट संत सम्मेलन में कथा व्यास स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदान्ताचार्य , रामकोट अयोध्या धाम के मुखारविंद से किया जा रहा है । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण परम पवित्र धाम हैं । यहां महानदी, शिवनाथ और जोक नदियों का पावन संगम तट हैं। साधु-संतों और श्रद्धालु भक्तों के चरणधुलि से यह स्थान अब पवित्र हो गया हैं । त्रिवेणी संगम पर पुण्य स्नान, मंदिर में देव दर्शन-पूजन से भक्त कृतार्थ हो रहें हैं ।


बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण तटस्थ रहते हैं – स्वामी जी
भागवताचार्य ने कहा कि खेलना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं । खेलने के दौरान बच्चें आनंद तो उठाते ही है और इस समय बहुत-सी बातें भी सिखाते हैं। श्रीमद्भागवत प्रसंग से जोड़ते हुए स्वामी जी ने कहा कि बच्चों के साथ खेल रहे हैं भगवान श्रीकृष्ण ! बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण तटस्थ रहते हैं । इस अवसर पर मठ मंदिर परिसर का आध्यात्मिक वातावरण अत्यंत मनमोहक और कथा श्रवण करने वाले का हृदय स्पर्शी रहा ।


उपस्थित श्रद्धालु भक्त।
कार्यक्रम में मनोज कुमार मित्तल , अध्यक्ष चांपा सेवा संस्थान , पुरुषोत्तम शर्मा , पूर्व नपा उपाध्यक्ष चांपा, शशि भूषण सोनी,पूर्व सहायक प्राध्यापक ( वाणिज्य ) मयूरध्वज महादानी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चांपा , महंत कंचन दास ,पंडित आशुतोष शर्मा सहित अन्यान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।

सम्मान और अभिनंदन
चांपा सेवा संस्थान की ओर से अध्यक्ष मनोज मित्तल और साथियों ने भागवताचार्य स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदान्ताचार्य जी को सहस्त्राभिनंदन-पत्र ,शाल और श्रीफल भेंटकर से सम्मानित किया गया । सहस्तराभिनंदन-पत्र का लेखन शशिभूषण सोनी ने किया । यह आयोजन शिवरीनारायण मठ मंदिर में शामिल होने वालों भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव था, जिसने सभी को भक्ति की मधुर धारा में बांध दिया ।